IRCTC Guidelines – भारतीय रेलवे विश्व के सबसे बड़े रेल नेटवर्क में से एक है और करोड़ों लोग प्रतिदिन इसके माध्यम से अपनी यात्रा पूरी करते हैं। जब अचानक यात्रा की जरूरत पड़ती है, तो सामान्य टिकट बुकिंग में उपलब्ध सीटें पहले से बुक हो चुकी होती हैं। ऐसे में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है और वे बिना किसी विकल्प के असमंजस में पड़ जाते हैं।
इसी समस्या के समाधान के रूप में भारतीय रेलवे ने तत्काल टिकट सेवा की शुरुआत की थी। यह सेवा उन यात्रियों के लिए बहुत उपयोगी है जिन्हें यात्रा से महज एक दिन पहले टिकट की जरूरत पड़ती है। समय के साथ इस सेवा में कई सुधार किए गए हैं और वर्ष 2026 में इसमें महत्वपूर्ण बदलाव लागू किए गए हैं।
तत्काल सेवा की बुनियादी समझ
तत्काल टिकट सेवा एक विशेष प्रावधान है जिसके अंतर्गत प्रत्येक ट्रेन में कुछ निश्चित सीटें आरक्षित रखी जाती हैं। ये सीटें यात्रा की तिथि से ठीक एक दिन पहले एक तय समय पर बुकिंग के लिए खोली जाती हैं। इस सेवा का उपयोग करके यात्री अंतिम समय में भी कन्फर्म सीट प्राप्त कर सकते हैं।
इस सेवा के अंतर्गत बुक किए गए टिकट का मूल्य सामान्य टिकट की तुलना में अधिक होता है। इसमें एक अतिरिक्त शुल्क जोड़ा जाता है जो श्रेणी के आधार पर अलग-अलग होता है। हालांकि अधिक किराए के बाद भी यात्रियों को निश्चित सीट मिलने की संभावना बनी रहती है, जो इसे एक बेहतर विकल्प बनाती है।
2026 के प्रमुख बदलाव क्यों जरूरी थे
पहले तत्काल टिकट बुकिंग प्रणाली में कई खामियां थीं जिनका फायदा एजेंट और बॉट उठाते थे। बुकिंग खुलते ही कुछ ही सेकंड में सभी सीटें भर जाती थीं और आम यात्री हाथ मलते रह जाते थे। यह स्थिति सामान्य नागरिकों के लिए बेहद निराशाजनक और अन्यायपूर्ण थी।
इन समस्याओं को दूर करने के लिए सरकार और रेलवे विभाग ने 2026 में नई नीतियां लागू कीं। इन नीतियों का मुख्य उद्देश्य आम यात्रियों को प्राथमिकता देना और प्रणाली में पारदर्शिता लाना था। इन सुधारों के बाद सेवा अधिक निष्पक्ष और भरोसेमंद बन गई है।
आधार लिंकिंग और पहचान सत्यापन
2026 के नए नियमों के अनुसार अब IRCTC खाते को आधार कार्ड से जोड़ना अनिवार्य कर दिया गया है। यह नियम फर्जी खातों और अवैध बुकिंग पर प्रभावी रोक लगाने के लिए बनाया गया है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि केवल वास्तविक और सत्यापित उपयोगकर्ता ही टिकट बुक कर सकें।
इसके अलावा बुकिंग के समय OTP सत्यापन भी अनिवार्य कर दिया गया है। यात्री के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक गोपनीय कोड भेजा जाता है जिसे दर्ज करने के बाद ही आगे की प्रक्रिया पूरी होती है। यह दोहरी सुरक्षा प्रणाली धोखाधड़ी की संभावनाओं को काफी हद तक समाप्त करती है।
एजेंटों पर लगाई गई समयसीमा
नए नियमों के तहत तत्काल बुकिंग शुरू होने के बाद पहले तीस मिनट तक अधिकृत एजेंट कोई भी टिकट बुक नहीं कर सकते। यह एक बड़ा और प्रभावशाली बदलाव है जो सीधे आम यात्रियों को लाभ पहुंचाता है। पहले तीस मिनट का यह समय केवल व्यक्तिगत यात्रियों के लिए सुरक्षित रखा गया है।
इस नियम से यात्रियों को सीट पाने का उचित और बराबरी का अवसर मिलता है। पहले जो असंतुलन था वह अब काफी कम हो गया है और सामान्य नागरिक बिना किसी भेदभाव के टिकट बुक कर सकते हैं। यह कदम रेलवे की नीतियों में एक सकारात्मक परिवर्तन के रूप में देखा जा रहा है।
श्रेणी के अनुसार बुकिंग का समय
एसी श्रेणी जिसमें फर्स्ट एसी, सेकंड एसी और थर्ड एसी शामिल हैं, के लिए तत्काल बुकिंग प्रतिदिन सुबह दस बजे शुरू होती है। स्लीपर और सेकंड सिटिंग श्रेणी के लिए यह सुविधा सुबह ग्यारह बजे उपलब्ध होती है। इन समयों को याद रखना और उसके अनुसार तैयारी करना बुकिंग की सफलता के लिए अत्यंत आवश्यक है।
यात्रियों को सलाह दी जाती है कि बुकिंग खुलने से कम से कम पांच से दस मिनट पहले वेबसाइट या ऐप पर लॉगिन करके तैयार रहें। जरा सी देरी भी उपलब्ध सीटें गंवाने का कारण बन सकती है। इसलिए पूरी तैयारी और सतर्कता के साथ बुकिंग की प्रक्रिया में भाग लेना चाहिए।
अतिरिक्त शुल्क और यात्री सीमा
तत्काल टिकट पर लगने वाला अतिरिक्त शुल्क श्रेणी के हिसाब से तय किया जाता है। एसी कोच में यात्रा करने पर सामान्य किराए से तीस से पचास प्रतिशत तक अधिक भुगतान करना पड़ सकता है। वहीं स्लीपर और सेकंड सिटिंग के लिए यह अतिरिक्त शुल्क दस से तीस प्रतिशत के बीच होता है।
एक PNR पर अधिकतम चार यात्रियों की बुकिंग की जा सकती है। यदि परिवार या समूह में चार से अधिक सदस्य हों तो अलग-अलग PNR पर टिकट बनवाने होंगे। बुकिंग से पहले इन नियमों को ध्यान से समझ लेना आवश्यक है ताकि बाद में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
वन क्लिक बुकिंग की सुविधा
2026 के सुधारों में वन क्लिक बुकिंग फीचर को और अधिक उन्नत किया गया है। इस सुविधा में यात्री अपनी सभी जरूरी जानकारी जैसे नाम, आयु, पहचान पत्र विवरण और अन्य डेटा पहले से प्रोफाइल में सेव कर सकते हैं। बुकिंग के समय यह जानकारी स्वतः भर जाती है जिससे कीमती समय की बचत होती है।
यदि UPI या प्री-पेमेंट वॉलेट पहले से सेट किया हुआ हो, तो OTP डालते ही पूरी बुकिंग प्रक्रिया कुछ ही सेकंड में पूरी हो जाती है। यह सुविधा उन यात्रियों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है जो तकनीक के साथ सहज हैं। इससे न केवल बुकिंग तेज होती है बल्कि सर्वर पर भी अनावश्यक भार कम पड़ता है।
बुकिंग के दौरान सावधानियां
तत्काल बुकिंग के दौरान इंटरनेट कनेक्शन मजबूत और स्थिर होना चाहिए। नेटवर्क की कमजोरी या तकनीकी खराबी बुकिंग विफल कर सकती है और जब तक दोबारा कोशिश की जाए, सीटें भर चुकी होती हैं। इसलिए हाई-स्पीड कनेक्शन का उपयोग करें और संभव हो तो वैकल्पिक नेटवर्क भी तैयार रखें।
यदि आधार लिंकिंग में कोई समस्या आए तो नजदीकी रेलवे स्टेशन या कॉमन सर्विस सेंटर से सहायता ली जा सकती है। किसी भी प्रकार की तकनीकी परेशानी के लिए रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर संपर्क किया जा सकता है। समय से पहले अपनी सभी तैयारियां पूरी कर लेना बुकिंग की सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है।
वर्ष 2026 में लागू किए गए नए नियमों ने तत्काल टिकट प्रणाली को एक नया रूप दिया है जो पहले से कहीं अधिक न्यायसंगत और कुशल है। आधार सत्यापन, एजेंटों पर समयबद्ध रोक और वन क्लिक बुकिंग जैसी व्यवस्थाओं ने आम यात्रियों की स्थिति को मजबूत किया है। अब अचानक यात्रा की जरूरत पड़ने पर भी कन्फर्म सीट मिलने की उम्मीद काफी बढ़ गई है।
यात्रियों को यह भी सुझाव दिया जाता है कि बुकिंग से पहले IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट पर नवीनतम जानकारी अवश्य देखें क्योंकि नीतियों में समय-समय पर बदलाव होते रहते हैं। सही जानकारी और सही तैयारी के साथ तत्काल टिकट बुकिंग एक आसान और भरोसेमंद अनुभव बन सकती है। भारतीय रेलवे की यह पहल निश्चित रूप से करोड़ों यात्रियों के जीवन को सुविधाजनक बना रही है।








